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कर्म, जीवन और भविष्य

हिन्दी · पृष्ठभूमि परिचय
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विषय-सूची

म्याओ-फ़ा ल्येन-ह्वा जिंग ग्वान-शि-यिन पू-सा पू-मेन पिन में सद्धर्मपुण्डरीक सूत्र और उसके अवलोकितेश्वर संबंधी अध्याय का नाम साथ मिलता है। परिशिष्ट पहले प्राणियों की आवश्यकता के अनुसार अलग रूप धारण कर उपदेश देने वाला अंश उद्धृत करता है। मूल पुस्तक में नरक के एक बालक की सहायता के समय आ-यू ईसा मसीह की माता मरियम का रूप देखती हैं; न्यायाधिकारी उसे अवलोकितेश्वर का प्रकट रूप कहते हैं। अनुभवलेखक उस सहायता को इसी सूत्र की सीख से समझाता है। मूल उद्धरण विभिन्न रूपों में उपदेश देने की व्यापक शिक्षा रखता है, और आगे का वाक्य उस विशेष घटना पर लेखक की समझ है। छोटे नाम पू-मेन पिन से इसका संबंध पूरे ग्रंथ और उसके अध्याय की पहचान स्पष्ट करता है।

关圣帝君戒淫经注解 — ग्वान-शंग दी-ज्युन ज्ये-यिन जिंग झू-ज्ये

G⁠u⁠a⁠n s⁠h⁠e⁠n⁠g d⁠i j⁠u⁠n j⁠i⁠e y⁠i⁠n j⁠i⁠n⁠g z⁠h⁠u j⁠i⁠e

ग्वान-शंग दी-ज्युन ज्ये-यिन जिंग झू-ज्ये परिशिष्ट के मुख्य पाठ का पूरा नाम है। विषयसूची में देवता के संबोधन का क्रम थोड़ा अलग रखा गया है। भीतर पहले दी-ज्युन के नाम से मूल वाक्य आता है, फिर उसका सरल अर्थ और उदाहरण। कामाचार और माता-पिता की सेवा जैसे विषय इस क्रम से खुलते हैं। अंतिम टिप्पणी में छपाई के लिए बेर और शाहबलूत की लकड़ी पर अक्षर खोदने का पुराना प्रयोग भी समझाया गया है। देवता की वाणी, उसकी व्याख्या और प्रकाशन की टिप्पणी इस पाठ के जुड़े हुए हिस्से हैं।

文昌帝君戒淫宝训 — वेन-छांग दी-ज्युन ज्ये-यिन बाओ-श्युन

W⁠e⁠n c⁠h⁠a⁠n⁠g d⁠i j⁠u⁠n j⁠i⁠e y⁠i⁠n b⁠a⁠o x⁠u⁠n

वेन-छांग दी-ज्युन ज्ये-यिन बाओ-श्युन, वेन-छांग दी-ज्युन के नाम से दिया गया एक स्वतंत्र उपदेश है। वक्ता स्वर्गीय आदेश पर हर महीने यिन और माओ नाम वाले दिनों में फ़ंग-दू का निरीक्षण करते हैं। दूसरों की पत्नी या बेटी के साथ अनुचित यौन संबंध के लिए 5⁠0⁠0 ज्ये नरक, फिर 5⁠0⁠0 ज्ये खच्चर या घोड़े का जन्म, और उसके बाद वेश्या या नट का मानव-जन्म बताया गया है। विधवा या बौद्ध भिक्षुणी के साथ योजनापूर्वक यौन संबंध के लिए 8⁠0⁠0 ज्ये नरक, फिर 8⁠0⁠0 ज्ये भेड़ या सूअर की योनि में मनुष्यों के हाथों मारे जाने का फल, और आगे अंधत्व, वाणीहीनता या अधूरे अंगों वाला मानव-जन्म है। अपने से वरिष्ठ के साथ, या बड़ा होकर कनिष्ठ के साथ वर्जित यौन संबंध के लिए 1⁠5⁠0⁠0 ज्ये नरक, फिर 1⁠5⁠0⁠0 ज्ये साँप या चूहे का जन्म, और आगे गर्भ में या शैशव में मृत्यु अथवा अल्पायु बताई गई है। ज्ये (劫) इन दंडों और पशु-जन्मों को गिनने की इकाई है; उपदेश इसका निश्चित वर्षमान नहीं देता। कामोत्तेजक पुस्तक बनाने वाला तब तक अवीचि में रहता है जब तक उसकी पुस्तकें पूरी तरह नष्ट न हों और उनसे प्रेरित अपराधियों के दंड समाप्त न हों। उसके बाद भी अंधकारमय प्रेत-देश का कष्ट रहता है; अमर सिद्ध और बुद्ध भी उसे बचा नहीं सकते, ऐसा इस उपदेश में कहा गया है।

स्रोत और संदर्भ संकेत

इस परिचय का मुख्य स्रोत 《阴律无情》 का चीनी पाठ है। स्रोत-सूची में S⁠1 उसी पाठ का संकेत है; उसके बाद L से शुरू होने वाली संख्या उस सुरक्षित प्रति की पंक्ति बताती है। परिचय के अनुच्छेदों के S⁠1⁠-⁠0⁠1 जैसे संकेत अलग हैं और चीनी समानांतर प्रति में अनुच्छेद खोजने के लिए दिए गए हैं। ग्रंथों और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के विस्तृत स्रोत संबंधित संदर्भ-पुस्तिका में हैं।

S⁠1 中文原书生产包版 h⁠t⁠t⁠p⁠s://d⁠r⁠i⁠v⁠e⁠.⁠g⁠o⁠o⁠g⁠l⁠e⁠.⁠c⁠o⁠m/f⁠i⁠l⁠e/d/1⁠G⁠P⁠G⁠R⁠p⁠H⁠0⁠M⁠d⁠B⁠n⁠q⁠Y_E⁠D⁠W⁠H⁠A⁠8⁠D⁠D⁠i⁠2⁠p_c⁠S⁠h⁠J⁠U⁠2/v⁠i⁠e⁠w R⁠0⁠4 印地语背景知识缺口完整清单 h⁠t⁠t⁠p⁠s://d⁠r⁠i⁠v⁠e⁠.⁠g⁠o⁠o⁠g⁠l⁠e⁠.⁠c⁠o⁠m/f⁠i⁠l⁠e/d/1⁠L⁠M⁠Y⁠n⁠y⁠o⁠j⁠2⁠q⁠G⁠0⁠h⁠8⁠j⁠f⁠k⁠S⁠D⁠4⁠Y⁠u_A⁠-⁠U⁠L⁠v⁠B⁠l⁠g⁠Q⁠Q/v⁠i⁠e⁠w

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