माता-पिता दंडस्थल पर आकर अपनी संतान को कठोर दंड से मरते देखते हैं और केवल दुख में रो सकते हैं। हजारों-लाखों लोग हँसते या गालियाँ देते हैं और कहते हैं कि पति की हत्या की साज़िश करने वाले व्यभिचारियों का यही होना चाहिए। पश्चात्ताप हो भी तो देर हो चुकी है।
फिर भी कामुक व्यक्ति निश्चिंत रहकर लज्जा नहीं जानता।
‘त्यान’ का अर्थ शांत या निश्चिंत, ‘छी’ का अर्थ लज्जा। आशय है कि कामुक व्यक्ति उलटे अपने को सुरक्षित और ठीक मानता है, शर्म नहीं जानता।
नैतिक शिक्षा का अनुयायी होकर भी मान्य आचरण और सामाजिक रीति बिगाड़ने को तैयार होता है।
पढ़ा-लिखा और सिद्धांत समझने वाला नैतिक शिक्षा का व्यक्ति है। ‘स्थायी सद्गुण’ हैं करुणा, न्याय, मर्यादा, प्रज्ञा और विश्वसनीयता के पाँच गुण। ‘रीति’ सामाजिक व्यवहार है। आशय है कि पढ़े-लिखे भी जानते-बूझते कानून तोड़ते हैं, दूसरे घर की स्त्रियों से दुराचार करते हैं और सामाजिक मर्यादा बिगाड़ने को तैयार रहते हैं।
कभी बड़ा भाई छोटे भाई की पत्नी पर बलपूर्वक अधिकार करता है, तो छोटा भाई बड़े भाई की पत्नी से अवैध संबंध बनाता है।
छोटे भाई की पत्नी को अनुज-वधू और बड़े भाई की पत्नी को भाभी कहते हैं। बलपूर्वक लेना ‘अधिकार करना’, गुप्त अवैध संबंध ‘दुराचार’ है। बड़ा भाई छोटे की पत्नी को बलपूर्वक ले या छोटा बड़े की पत्नी से गुप्त संबंध बनाए, तो ऐसे भाई नैतिक शिक्षा के अपराधी हैं।
कभी चाचा भतीजे की पत्नी के लिए लोभ करता है, कभी भतीजा चाची से अनुचित मिलन करता है।149
निकट पारिवारिक दुराचार या मर्यादा-विरुद्ध मिलन, दोनों अनुचित संयोग हैं। चाचा भतीजे की पत्नी का सौंदर्य देखकर अशुभ विचार से दुराचार करे, या भतीजा चाची का सौंदर्य देखकर संबंध बनाने की युक्ति करे—ये सभी वस्त्र पहने पशु कहे गए हैं।150
दोनों आनंद में केवल सामने के सुख को देखते हैं।