| सहायता का छोटा अंश | मिन-गोंग संदेश देते, दाओ-मिंग रत्न लेकर मंत्र पढ़ते, पीड़ा कुछ समय शांत होती | संदेशवाहक बुलाकर लाते हैं और मंत्र का प्रभाव कुछ समय पीड़ा थामता है; इससे पीड़ित अपनी बात कह पाते हैं। |
मरियम-प्रसंग के कर्म, शर्तें और पाठ-स्तर
| तत्व | पूरा विवरण | भूमिका |
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| बालक और माता-पिता | बारह वर्ष में मृत्यु; कैथोलिक माता-पिता की मरियम-प्रार्थना और गरीबों की सहायता | सहायता को आमंत्रित करने वाली परिस्थितियाँ |
| रूप और प्रत्युत्तर | करुणामयी मरियम; क्रूस बनाकर धन्यवाद; श्वेत प्रकाश से अस्थायी विराम | बालक की परिचित अभिव्यक्ति |
| स्वीकार और इच्छा | बालक अपने संवाद में अश्लील सामग्री देखने और हस्तमैथुन की आदत तथा माता-पिता को पहुँचे दुःख को स्वीकार करता है; पहले स्वर्ग की सहायता, फिर सहपाठियों को इन्हीं आदतों से दूर रखने की इच्छा। | पहचान और हितकारी दिशा |
| शुभ और अशुभ संकल्प | सहपाठियों की सहायता शुभ; असफलता पर हाथ-मुँह नष्ट होने की इच्छा आत्महानिकर | संकल्प कारण है; उसे शुभ दिशा देना |
| उत्थान की शर्तें | मन का प्रकाश गहरे लाल से हल्का श्वेत; बोधिसत्त्व की शक्ति और सच्चा पश्चात्ताप | इस प्रसंग में दोनों का साथ |
| पू-मन अध्याय | नाम-स्मरण से सहायता; जीव के अनुकूल रूप में उपदेश | सूत्र की सामान्य शिक्षा |