| 天帝 · तियान-दी | स्वर्गीय अधिपति का पदनाम; मिंग-जुन का निवेदन सुनना, बुद्ध से लेखक चुनने का अनुरोध और उपदेश के प्रसार की व्यवस्था। सृष्टिकर्ता का विषय जगत की उत्पत्ति है; यहाँ स्वर्गीय पद का परिचय शासन और उपदेश के काम से मिलता है। |
| 帝释天 · दी-शी तियान | मूल पुस्तक के पहले अध्याय में महल के द्वार का नाम; उसी भेंट में तियान-दी संबोधन उसी अधिपति के लिए आता है। बौद्ध शक्र तथा इन्द्र से जुड़ी नाम-परंपरा। |
| 玉皇/玉帝 · यू-ह्वांग/यू-दी | यू-दी, यू-ह्वांग अर्थात जेड सम्राट का संक्षिप्त नाम है। यह उल्लेख अलग संलग्न सदाचार-पाठ में आता है, जहाँ दिव्य अधिकारी अनुमति माँगते हैं और जिन-के व लुन-के के प्रसार को स्वीकृति मिलती है। |
अधिकारियों के काम और क्षेत्र
| पात्र या संस्था | दायित्व |
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| मिंग-जुन/बारह न्यायालय-अधिपति | एक सर्वोच्च अधिकारी के नीचे बारह अधिपति; छोटे-बड़े दंड-क्षेत्र उनके अधीन। निर्णय कर्म और यिन-ल्यू के अनुसार। |
| छिंग-पिंग वांग/हाइ-शान वांग | पहले अधिकारी पश्चिम और उत्तर के यौन दुराचार वाले क्षेत्र सँभालते हैं। दूसरे दक्षिण के आठ नए क्षेत्र सँभालते हैं; मूल में वांग-सी खू-छंग, अन्न-बरबादी, मिथ्या दृष्टि-निंदा और वज्रयान वाले चार नाम दिए गए हैं। |
| पान-ग्वान | लेखिका के लिए नियुक्त न्यायाधिकारी: ले आने की व्यवस्था, व्याख्या और संपर्क। परिशिष्ट के लू पान-ग्वान का कथन अपने स्रोत से आता है। |
| छंग-ह्वांग/यिन-दे गोंग | दक्षिणी जम्बूद्वीप के पुनर्जन्म-अभिलेख और विशेष रूप से बड़े सत्कर्मों का रिकॉर्ड; दूसरे लोक-प्रदेश संबंधित रिकॉर्ड-क्षेत्रों में। |