| नाम | अर्थ अथवा समकक्ष | पुस्तक में बल |
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| बुद्ध | जागृत शिक्षक | प्रज्ञा और करुणा |
| धर्म | उपदेश और अभ्यास का मार्ग | कर्म को समझना और सुधारना |
| संघ | साधक समुदाय | साधना का सामूहिक सहारा |
| बोधिसत्त्व | जागृति का संकल्प और जीवों के हित का अभ्यास | करुणापूर्ण सहायता |
| 观音 / 观世音 | अवलोकितेश्वर; ग्वान-यिन | अनुकूल रूप; न्यायाधिकारी का झंग-फ़ा-मिंग तथागत नाम |
| 文殊 | मंजुश्री; वेन-शू | प्रज्ञा; न्यायाधिकारी “सात बुद्धों की माता” कहते हैं। माता का रूपक उस प्रज्ञा का है जो जागृति को पोषण देती है और बुद्धत्व की प्राप्ति का आधार बनती है। |
| 地藏 | क्षितिगर्भ; दी-ज़ांग | महासंकल्प और कठिन गति में सहायता |
| कर्म के अनुरूप उद्धार | बुद्ध-बोधिसत्त्व कारण-कार्य देखकर सहायता देते हैं | जीव में पश्चात्ताप और स्वभाव-सुधार की परिस्थिति |