लुन-के जी-याओ जिन-के जी-याओ के साथ उल्लिखित दूसरा नियमसंग्रह है। परिशिष्ट इसे पहले संग्रह की आगे की कड़ी बताता है, जो शेष विषय खोलता और यिन-ल्यू को स्पष्ट करता है। उसकी उद्गम-कथा में ग्वांग-श्यु के तीसरे वर्ष साहित्य और युद्ध के दोनों देवताओं द्वारा अनुमति प्राप्त करना, अनेक अमरों का कथन और फ़ेई-ल्वान विधि से लिखित संदेश तैयार करना आता है। इसके बाद पाठ मनुष्यों में प्रसारित किया गया। इस प्रकार धार्मिक वाणी, लिखित रूप और लोक-प्रसार तीनों उसके परिचय में साथ बने रहते हैं।
金轮 — जिन-लुन
Jin lun
जिन-लुन इस टिप्पणी में जिन-के और लुन-के, दोनों संग्रहों का संयुक्त नाम है। उसके ठीक पहले जिन-के जी-याओ और लुन-के जी-याओ अलग बताए गए हैं, और वाक्य में दोनों खंडों का संकेत फिर आता है। इस संक्षिप्त प्रयोग से पाठक पहले के दो नियमसंग्रहों तक लौट सकता है। इसलिए जिन-लुन पढ़ने पर इन्हीं दो संग्रहों के नियम साथ सामने आते हैं। पुरस्कार, दंड, छूट और समायोजन की चर्चा समझने में यह पारस्परिक संदर्भ विशेष उपयोगी है।
欲海回狂 — यू-हाइ हुई-क्वांग
Yu hai hui kuang
यू-हाइ हुई-क्वांग अंत के अनुभवलेखक द्वारा पहले पढ़ी गई पुस्तकों में गिनी जाती है। शोउ-कांग बाओ-ज्येन और वान-शान श्येन-ज़ी भी उसी सूची में हैं। लेखक अपने वर्तमान अनुभव को उन नैतिक और परलोक संबंधी प्रसंगों की पृष्ठभूमि में रखता है जो उसने पहले दूसरों से पढ़े थे। इस तरह नाम यहाँ पाठकीय जीवन का संकेत है। उपलब्ध उल्लेख पुस्तक की पहचान और तुलना का संदर्भ देता है; विस्तृत लेखक, संस्करण और पृष्ठ की सूचना संबंधित पुस्तक की अपनी प्रति से मिलती है।
万善先资 — वान-शान श्येन-ज़ि
Wan shan xian zi
‘वान-शान श्येन-ज़ी’ (《万善先资》) जीवों की हत्या से विरति और उनकी रक्षा की प्रेरणा देने वाला पारंपरिक चीनी सदाचार-ग्रंथ है। यिन ल्यू वू छिंग के अंतिम अनुभवलेख का लेखक इसे पहले पढ़ी गई पुस्तकों में गिनता है। सूची में यू-हाइ हुई-क्वांग और शोउ-कांग बाओ-ज्येन जैसे दूसरे नैतिक ग्रंथ भी हैं। इस पढ़ाई के कारण उसे कर्म, संयम और परलोक के वर्णन पहले से परिचित थे। अनुभवलेख में वह दूसरों के अनुभव पढ़ने से अपने अनुभव बताने की ओर बढ़ता है। नाम का यहाँ यही काम है: वह इस पाठक की धार्मिक पढ़ाई और उसके द्वारा की जा रही तुलना की पृष्ठभूमि देता है। मुख्य पुस्तक की लेखिका आ-यू का वृत्तांत और अंत में जुड़े इस पाठक के संस्मरण अपने-अपने वक्ता से पहचाने जाते हैं।