100. अनुवादक की टिप्पणी: दादाजी की सहनशीलता की धार्मिक प्रशंसा का अर्थ यह नहीं कि दुर्व्यवहार झेलने वाले उसे छिपाएँ या सहते रहें। विश्व स्वास्थ्य संगठन उपेक्षा, मानसिक दुर्व्यवहार और आर्थिक शोषण को बुज़ुर्गों के साथ दुर्व्यवहार में गिनता है। भोजन से वंचित किए जाने या हिंसा की स्थिति में सुरक्षा और देखभाल के लिए मदद लें; तत्काल खतरे में आपात सहायता लें।↩︎
101. अनुवादक की टिप्पणी: दोंगयुए चीनी परंपरा में ताइशान पर्वत के देवता हैं और परलोक से भी जुड़े हैं। यमराज से उनके संबंध की कथाएँ अलग-अलग हैं। यहाँ पदक्रम और पदोन्नति इस पुस्तक की धार्मिक कथा हैं, प्रमाणित प्रशासनिक इतिहास नहीं। देखें ताइवान इतिहास कोश।↩︎
102. अनुवादक की टिप्पणी: आपदाओं को कर्म से जोड़ना यहाँ धार्मिक व्याख्या है, पीड़ितों के दोष का प्रमाण नहीं। प्राकृतिक घटनाओं के भौतिक कारण होते हैं; उदाहरणतः भूकंप में समुद्रतल के विस्थापन से सुनामी उत्पन्न हो सकती है। देखें अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण।↩︎
103. अनुवादक की टिप्पणी: दिव्यांगता को पिछले कर्म का फल कहना धार्मिक कथा का भाग है; किसी व्यक्ति की दिव्यांगता उसके दोष का प्रमाण नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन दिव्यांगता को स्वास्थ्य-स्थितियों और पर्यावरणीय व व्यक्तिगत कारकों की परस्पर क्रिया से समझाता है तथा समान देखभाल और गरिमा पर बल देता है।↩︎
104. अनुवादक की टिप्पणी: “बाजी” चीनी औषधि बाजीथ्येन का संक्षिप्त नाम है, जिसका संबंध Morinda officinalis पौधे से है; देखें हांगकांग का आधिकारिक स्रोत। भोजन और कामेच्छा पर यहाँ धार्मिक निर्देश हैं, उपचार का नुस्खा नहीं। जड़ी-बूटियाँ दवाओं के साथ परस्पर क्रिया कर सकती हैं; अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट को इनके उपयोग की जानकारी दें। देखें NCCIH।↩︎
105. अनुवादक की टिप्पणी: पश्चात्ताप के इस पद में चित्त का मिटना संदर्भानुसार आसक्ति और दूषित वृत्तियों का शांत होना है, शारीरिक हृदय का रुकना या स्वयं को हानि पहुँचाना नहीं।↩︎
106. अनुवादक की टिप्पणी: यह कथा का धार्मिक दृश्य है, सिरदर्द के कारण का चिकित्सकीय निदान या प्रेतबाधा का प्रमाण नहीं। सिरदर्द के अनेक कारण होते हैं। बार-बार होने या बढ़ने पर चिकित्सकीय जाँच कराएँ; अचानक अत्यंत तीव्र दर्द हो या साथ में कमजोरी अथवा बोलने में कठिनाई हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। देखें NHS।↩︎
107. अनुवादक की टिप्पणी: पुण्यफल शेष होने या मृत्यु का समय न आने का कथन वास्तविक सुरक्षा की गारंटी नहीं है। हत्या की धमकी को गंभीरता से लें, सुरक्षा और सहायता माँगें तथा तत्काल खतरे में स्थानीय आपात सेवाओं से संपर्क करें; अलौकिक हस्तक्षेप की प्रतीक्षा न करें। देखें हिंसा और दुर्व्यवहार पर NHS के निर्देश।↩︎
108. अनुवादक की टिप्पणी: यह इस अध्याय में लेखक का अपना शब्द-विभाजन है: “नाममात्र का मिथ्यावचन” पूर्णतः दूसरों के उद्धार के लिए, निजी स्वार्थ के बिना कहा जाता है; “सुविधा के लिए बोला गया असत्य” स्वहित के उद्देश्य से मिश्रित है। यहाँ दोनों समानार्थी नहीं हैं और इन नामों का अर्थ यह नहीं कि कथन तथ्यतः सत्य है।↩︎
109. मूल चीनी में स्पष्ट नहीं है कि मुँह में उड़कर लौटने वाला कौन है: जीभ या काला साँप। यहाँ लौटने की क्रिया रखी गई है, उसका कर्ता निश्चित नहीं किया गया है।↩︎