170. अनुवादक की टिप्पणी: मूल में “एक शिचन” है, ठीक एक ही क्षण या एक आधुनिक घंटा नहीं। पारंपरिक बारह समय-खंडों की प्रणाली में दिन बारह भागों में बँटता है; इस गणना में एक शिचन दो घंटे है। यह मूल की समय-इकाई का स्पष्टीकरण है, मुलाकात की स्वतंत्र रूप से सत्यापित समय-सारणी नहीं।↩︎
171. अनुवादक की टिप्पणी: नाखून की मिट्टी और विशाल धरती की उपमा संयुक्त आगम तथा निर्वाण सूत्र में मिलती है, लेकिन यहाँ निर्वाण सूत्र का कथन वृत्तांत-लेखक का सार है, पूरा शब्दशः उद्धरण नहीं। परंपरागत पाठ में अतिरिक्त शर्तें और विवरण हैं। पुस्तक का सार सुरक्षित रखा गया है; उसे संशोधित मूल सूत्र से नहीं बदला गया और न जन्मों के सांख्यिकीय आँकड़े के रूप में प्रस्तुत किया गया है।↩︎
172. अनुवादक की टिप्पणी: मरियम को अवलोकितेश्वर का प्रकट रूप मानना इस वृत्तांत-लेखक का तर्क और उसके द्वारा उद्धृत पात्रों का कथन है। यह धर्मों की घोषित सहमति या कैथोलिक चर्च का सिद्धांत नहीं। आगे के निष्कर्ष में मरियम का उल्लेख सर्वव्यापी द्वार अध्याय के स्वयं उद्धरण का अंश भी नहीं है।↩︎
173. यहाँ पुस्तक में दिए उद्धरण की सूची रखी गई है, जिसमें “स्त्री” पिछले वर्गों से अलग है। CBETA के पाठ (T09, संख्या 262, पृ.57b13–14) में उससे पहले यह विभाजक चिह्न नहीं है। छेंगगुआन की व्याख्या (T36, संख्या 1736, पृ.680c16–681a01) में इन चार वर्गों की स्त्रियाँ समझी गई हैं और पत्नियों-बेटियों का भेद भी है। यहाँ पुस्तक के उद्धरण को सूत्र के संशोधित पाठ से नहीं बदला गया है।↩︎