| फ़ू-थी | अन्य आत्मिक सत्ता का शरीर से व्यक्त होना | धार्मिक अनुभव का पद |
| स्वप्न | निद्रा का अनुभव | एक अन्य अनुभव-संदर्भ |
| धार्मिक नाम तियान-दाओ / ई-ग्वान-दाओ | ई-ग्वान-दाओ एक चीनी लोकधार्मिक परंपरा है; तियान-दाओ उसका एक प्रचलित नाम भी है। | पुस्तक फ़ू-जी वाले अंश में दोनों नाम साथ कहती है; विषय समुदाय की देव-संदेश को लिखित रूप में ग्रहण करने की विधि है। |
| छह गतियों में तियान-दाओ | देव-गति | पुनर्जन्म के वर्ग का अर्थ |
| लेखिका, पात्र, सूत्र, परिशिष्ट | विवरण, संवाद, उद्धरण, संलग्न सामग्री के स्तर | कर्म, पश्चात्ताप और सत्कर्म की साझा चिंता |
| समाधि / 三昧 | एकाग्रता और मन के स्थिर होने से संबंधित साधना-पद | L0318 में समाधि-बल; L0400 के सूत्र-उद्धरण में साधना |
अध्याय 7
कर्म के विधान में न्याय, पद और अभिलेख
कर्म के विधान में अधिकारियों की भूमिका
कर्म अपने कारणों के अनुसार फलता है, फिर भी इस पुस्तक में उसका लेखा देखने वाले अधिकारी, सुनवाई करने वाले न्यायालय और निर्णय पहुँचाने वाले दूत मिलते हैं। इन दोनों बातों का संबंध अधिकारियों के काम से खुलता है। उनका काम व्यक्ति के विचारों और कार्यों की जाँच करना, बने हुए फल को सामने रखना और आगे की कार्यवाही बताना है। कोई बात मनुष्य-लोक में छिपी रह गई हो, तो यहाँ उसका भी विचार होता है। पद, परिचय और प्रतिष्ठा के साथ व्यक्ति के कर्मों का अपना हिसाब बना रहता है। चीनी सदाचार-साहित्य में न्याय की यह भाषा परिचित है; आ-यू अपने वृत्तांत में इन अधिकारियों से हुई भेंट और उनके कामों का विवरण देती हैं। उसमें अभिलेख जितने महत्त्वपूर्ण हैं, उतना ही यह जानना भी कि व्यक्ति अब क्या कर रहा है। सच्चा सुधार, परिजनों के सत्कर्म और बुद्ध-बोधिसत्त्वों की सहायता आगे के निर्णय से जुड़ सकते हैं। न्याय और करुणा को समझने के लिए पहले इस व्यवस्था में काम करने वालों का परिचय आवश्यक है।