सेनापति यूए के शोक में तीन चतुष्पदियाँ — म्याओझेंग
देश की सेवा को समर्पित निष्ठावान हृदय और नौ ची लंबा भाला, पुराने रणक्षेत्र में रक्त से रंगा युद्ध-वस्त्र;
एक सेनापति की सिद्ध विजय, युगों तक बहते आँसू, बारह स्वर्ण-पट्टों ने निष्ठावान और सज्जन वीर को दफ़ना दिया।
पीठ पर चटख लाल रंग में गुदे ‘पूर्ण निष्ठा’ के अक्षर, झोउ तोंग से सीखी विलो-पत्ती भेदने वाली तीरंदाज़ी;
निष्ठा और मातृ-पितृभक्ति, दोनों निभाकर तुच्छ स्वार्थ त्याग दिया, जो पुरुष इस ऊँचाई तक पहुँचे, वही वीर है।
देश को पुनः प्राप्त करके दोनों सम्राटों का स्वागत करूँ, यह महान संकल्प प्रकट हुआ तो दस हज़ार योद्धा चकित हुए;
सरसराती वर्षा थम गई, आँखें उठाकर दूर देखता हूँ, इस क्षण मेरे मन के भाव कौन जानता है?
7/मेंग पो के सूप का एक प्याला, उपकार और वैर दोनों भुला दे! — यूवांग मंच का प्रत्यक्ष भ्रमण
बुद्ध की शक्ति के अनुग्रह के लिए कृतज्ञ हूँ! श्वेत कमल पर सवार होकर प्रस्थान करती हूँ!
अमिताभ बुद्ध! मैं, आ यू, हाथ जोड़कर परलोक के न्यायाधिकारी को प्रणाम करती हूँ!